Read Hindi mei .love poetry in hindi

Love poetry .Hindi love poems .love poetry in hindi , poems

बांतों में मेरी तेरी बात अब भी बाकी है बिगड़ा नही है जिंदगी का गीत साज अब भी बाकी है
टूटा नही है साथ का सपना वो खूब सूरत रात अब भी बाकी है सुनते हैं जिक्र तेरा दूसरों से पर मिलन की आस अब भी बाकी है
मंजिल नही है पर निशान बाकी है बिछड़े हुए अरसा हो गया दिल मे एहसास अब भी बाकी है खो दिया है खुद को पर तुझे पाने की प्यास बाकी है
मिट गई है रूह तेरी बेवफाई से फिर भी वफ़ा पर विस्वास बाकी है
कितना भी समझाले खुद को की भूल गए हैं तुझको पर अब भी मुझमें तू ही तू बाकी है तू ही बाकी हैं
माना करती होगी मोहब्बत वो तुझसे पर तड़पाना उसे मेरी इक गुमनाम रिस्ते में रख कर
फिर बतलाना कितनी उसकी मोहब्बत बाकी है

फिर से किस्मत आजमाना बाकी है तेरे ही शहर में घर बसाना बाकी है मिला था दर्द जिस शहर में जहाँ दिल टूटा था
मिला था दर्द जिस शहर में उसी से अब दिल लगाना बाकी है
पर इन सब जजबातो के बाद खुद्दारी अब भी बाकी है गिरा कर खुद को तेरे प्यार में फिर से उठाना बाकी है
तेरा वापस आना और मेरा ना पलट कर देखना तो बाकी है

Hindi Love poem for click

नमक चीनी के अंदाजों में गुजरने वाली है जिंदगी
नमक चीनी के अंदाजों में गुजरने वाली है जिंदगी पर तुम चाहो तो इससे मुझे बचा सकते हो थोड़ा कम ज्यादा जो जाए अगर तो क्या खा सकते हो
गुस्से में भी मुस्कुराओ रूठो खुद पर मुझे मनाओ
हाँ थोड़ा अजिंब है लेकिन क्या ऐसा प्यार जता सकते हो
मुझे आदत है बेवजह नाराज हो जाने की
क्या तुम बेवजह मना सकते हो
और कागज कलम की आगोज में ही गुजर जाते है कई बार राते मेरी पर नींदों के साथ मेरा रिस्ता गहेरा है
तो क्या तुम मेरी ख्वाबो की बस्ती पर और सजा सकते हो
आलार्म बन्द कर मेरी नींदे बढ़ा सकते हो
और सुना है सुबह की पहली  किरणों के साथ जगा करना पड़ेगा मुझको
चाय नास्ता और बर्तन बहोत कुछ करना पड़ेगा मुझको
तुम मुझपर थोड़ा तरस तो खा सकते हो पर क्या कभी कभी काम मे भी हाथ बटा सकते हो
और जाने अनजाने में शरारतो के बहाने में हो जाती है कई बार गलतिया मुझसे पर तुम चाहो तो इन्हें छिपा सकते हो
कई बार मेरी गलतियों का इल्जाम खुद पर लगा सकते हो
और ना चांद तांरो की ख्वाहिश मुझे और ना ही चाहिए मुझे कोई हिंरो के हार
चॉकलेट टैडी के नाम ही मुझे अच्छे लगते है तो क्या है ऐसा जिससे तुम जूझे खुस करा सकते हो
डोसा पसन्द है मुझे बहोत तुम वो खिला सकते हो
और डिडियलजी देखी मैने ना ही कुछ कुछ होता है
हूँ वीर जारा की दीवानी मैं तो सोचती हूँ
क्या इक पायल के सहारे जिंदगी तुम भी बिता सकते हो
हाँ शायद ये मुमकिन नहीं पर क्या तुम वीर की तरह मुझे चाह सकते हो
और हाँ जानती हूँ मै आसान नहीं होता ये इश्क कभी दरिया है ये आग का तो क्या अपनी बन कभी इसे पार कर आ सकते हो

Poems and love poetry in hindi for click

Love poetry

कास कोई तो ऐसा हो जो सिर्फ मेरा हो ...
कास कोई तो ऐसा हो जो सिर्फ मेरा हो ना वो चाँद जैसा ना हो ताँरो जैसा
उसके जैसी हो जाऊं मैं और वो हो जाए मेरे जैसा
ख़यालो में मेरे खोता हो सोचकर मुझे कुछ होता हो
मेरे नाम से उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती हो सावल करो दिल और आंखे जवाब दी जाती हो
जाते वक्त पलट कर वो भी मुझे देखता हो
सरारत भारी निगाहों से रूह को मेरी छेड़ता हो और
महज मेरा नाम सुनकर ही वो महक जाता हो
जितना उसको चाहती हूँ मैं कास वो भी मुझे उतना चाहता हो

Love Poem Hindi Me


Virendra Kumar

Hii . Friends - My Name Is Virendra Kumar .I am a poet|YouTuber|Blogger.

1 Comment

The love for poetry · October 5, 2020 at 5:24 am

Loved these poems ,keep sharing your good work.
thank you!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *